Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा नाम महिमा · पृष्ठ 571
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2चारों वेद सार यह गोविंद राधे।
3मन राधेरूप मुख राधे राधे गा दे॥ 6587॥
4“रा” सुनि सोचें पिय गोविंद राधे।
5अब “धे” कहेगा रोम रोम हर्षा दे॥ 6588॥
6कृष्ण कहें जो कोउ गोविंद राधे।
7“रा” कहे वाय देउँ भक्ति बता दे॥ 6589॥
8पुनि जब “धा” कहे गोविंद राधे।
9पाछे पाछे चलूँ राधा नाम सुना दे॥ 6590॥
10जिह्वा पै राधे नाम गोविंद राधे।
11कानों में राधे गुनगान सुना दे॥ 6591॥
12मन ते हो राधे ध्यान गोविंद राधे।
13वास मोहिं बरसानो धाम दिला दे॥ 6592॥