Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा कृष्ण · पृष्ठ 566
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1सखियाँ भी मूर्ति जैसी गोविंद राधे।
2इकटक अपलक देखें बता दे॥ 6549॥
3सखियों की कौन कहे गोविंद राधे।
4भ्रमरी मयूरी मृगी ठगी सी बता दे॥ 6550॥
5श्रीकृष्ण परिधान गोविंद राधे।
6पीताम्बर राधारानी बता दे॥ 6551॥
7राधा के परिधान गोविंद राधे।
8नीलाम्बर हैं कृष्ण ही बता दे॥ 6552॥
9गौर तेज आभा में गोविंद राधे।
10श्याम तेज आभा निमग्न बता दे॥ 6553॥
11श्याम तेज आभा में गोविंद राधे।
12गौर तेज आभा निमग्न बता दे॥ 6554॥
13राधारानी वर माँगें गोविंद राधे।
14श्याम पट भूषण मोहिं बना दे॥ 6555॥
15श्रीकृष्ण वर माँगें गोविंद राधे।
16राधा पट भूषण मोहिं बना दे॥ 6556॥
17श्याम ही हैं श्यामा पै गोविंद राधे।
18श्याम पूछें श्यामा ते कौन तू बता दे॥ 6557॥
19प्रेम की समाधि में गोविंद राधे।
20श्याम कहें श्यामा ते श्यामा बुला दे॥ 6558॥
21प्रेम की समाधि में गोविंद राधे।
22श्यामा कहें श्याम ते श्याम बुला दे॥ 6559॥
23राधा कृष्ण दोनों ही गोविंद राधे।
24काल, कर्म, गुण मायातीत बता दे॥ 6560॥