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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

श्री राधा कृष्ण · पृष्ठ 565

Reading 64 of 452 · Source nos. 6537–6548 · Source PDF 68

1जानो यह तुम दास गोविंद राधे।

2स्वामी श्याम स्वामिनी हैं श्यामा बता दे॥ 6537॥

3तुम दो जनि मानो गोविंद राधे।

4दोनों एक थे हैं रहेंगे बता दे॥ 6538॥

5श्याम पढ़ावैं शुक गोविंद राधे।

6श्यामा कहु, श्यामा शुक श्याम पढ़ा दें॥ 6539॥

7श्याम कहें राधे कहु गोविंद राधे।

8राधे कहें श्याम, तू तो राधे श्याम गा दे॥ 6540॥

9श्याम नाम श्यामा जू को गोविंद राधे।

10श्यामा नाम श्यामसुन्दर को बुला दे॥ 6541॥

11एक बार राधे कहु गोविंद राधे।

12श्याम आके राधे राधे दोहरा दे॥ 6542॥

13श्याम की कृपा जो चाहो गोविंद राधे।

14तो राधे नाम की तू रटना लगा दे॥ 6543॥

15राधे की कृपा जो चाहो गोविंद राधे।

16तो श्याम नाम की तू रटना लगा दे॥ 6544॥

17दोनों की कृपा जो चाहो गोविंद राधे।

18श्यामा श्याम श्यामा श्याम रटना लगा दे॥ 6545॥

19श्याम तो हैं प्राण सम गोविंद राधे।

20रासेश्वरी प्राणप्यारी बता दे॥ 6546॥

21मेरे प्राण प्यारे श्याम गोविंद राधे।

22श्याम प्राणप्यारी राधा रानी बता दे॥ 6547॥

23जब गलबँहियाँ दै गोविंद राधे।

24दोनों खड़े हों निकुंज में बता दे॥ 6548॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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