Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा कृष्ण · पृष्ठ 560
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1याते हैं श्रीकृष्ण गोविंद राधे।
2पराशक्ति रूप दोनों एक हैं बता दे॥ 6477॥
3आनन्द ह्लादिनी हैं गोविंद राधे।
4वृषभानुनंदिनी श्यामा बता दे॥ 6478॥
5राधा की कृपा ते कृष्ण गोविंद राधे।
6आनन्दमय रहते हैं बता दे॥ 6479॥
7ह्लादिनी आनंद गोविंद राधे।
8नँदनन्दन श्यामसुन्दर बता दे॥ 6480॥
9ह्लादिनी शक्तिसार गोविंद राधे।
10प्रेमरस का है समुद्र बता दे॥ 6481॥
11उसकी तरंगें दो गोविंद राधे।
12एक राधा एक हैं कृष्ण बता दे॥ 6482॥
13बार बार दोनों ही गोविंद राधे।
14उठें और लीन हों तरंगें बता दे॥ 6483॥
15कभू राधा कृष्ण कभू गोविंद राधे।
16कृष्ण बन जाते हैं राधा बता दे॥ 6484॥
17जग में तो नायक गोविंद राधे।
18कभू नाहिं बनता है नायिका बता दे॥ 6485॥
19जग में तो नायिका गोविंद राधे।
20कभू नाहिं बनती नायक बता दे॥ 6486॥
21किन्तु श्यामा श्याम तो गोविंद राधे।
22बार बार बनें श्याम श्यामा बता दे॥ 6487॥
23श्यामा कहो श्याम कहो गोविंद राधे।
24श्यामा में श्याम श्यामा श्याम में समा दे॥ 6488॥