Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा कृष्ण · पृष्ठ 559
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1कृष्ण हैं सूर्य सम गोविंद राधे।
2राधा आतप सम हैं बता दे॥ 6465॥
3कृष्ण हैं सिन्धु सम गोविंद राधे।
4राधा हैं सिन्धु की तरंग बता दे॥ 6466॥
5श्रीकृष्ण जल सम गोविंद राधे।
6राधा हैं माधुर्य बता दे॥ 6467॥
7माधुर्य जो न रह गोविंद राधे।
8कृष्ण को कोई नहिं पूछे बता दे॥ 6468॥
9राधा कृष्ण शक्ति हैं गोविंद राधे।
10शक्ति बिनु शक्तिमान शून्य है बता दे॥ 6469॥
11यों तो राधा कृष्ण गोविंद राधे।
12एक थे हैं रहेंगे भी बता दे॥ 6470॥
13किन्तु लीला हित गोविंद राधे।
14दो थे हैं रहेंगे भी बता दे॥ 6471॥
15कृष्ण स्वरूपाधार गोविंद राधे।
16भानुनंदिनी राधा हैं बता दे॥ 6472॥
17राधा स्वरूपाधार गोविंद राधे।
18नँदनंदन श्रीकृष्ण हैं बता दे॥ 6473॥
19राधा परा शक्ति गोविंद राधे।
20शक्तिमान आश्रय बिनु रहे ना बता दे॥ 6474॥
21याते हैं राधा भी गोविंद राधे।
22शक्तिमान ब्रह्मस्वरूपा बता दे॥ 6475॥
23शक्तिमान श्रीकृष्ण गोविंद राधे।
24पराशक्ति आश्रय बिनु रहें ना बता दे॥ 6476॥