Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा · पृष्ठ 551
Reading 51 of 452 · Source nos. 6398–6409 · Source PDF 54
1महाभाव प्रेम सिन्धु गोविंद राधे।
2हैं बरसाने वारी बता दे॥ 6398॥
3प्रेमरस सार सार गोविंद राधे।
4मूर्ति हैं ठकुरानी राधा बता दे॥ 6399॥
5आनन्दकंद की गोविंद राधे।
6आनन्ददात्री राधा बता दे॥ 6400॥
7“राध्नोति सकलान् कामान्” गोविंद राधे।
8राधा सब कामनाएँ पूरी करा दे॥ 6401॥
9विद्युत्माला सम गोविंद राधे।
10गौर वर्णा श्री राधिका बता दे॥ 6402॥
11नव किशोर मधुर गोविंद राधे।
12रत्नस्वरूपा श्री राधिका बता दे॥ 6403॥
13सौन्दर्य की सार गोविंद राधे।
14ठकुरानी राधारानी बता दे॥ 6404॥
15माधुर्य की सार गोविंद राधे।
16ठकुरानी राधा रानी बता दे॥ 6405॥
17सौशील्य की सार गोविंद राधे।
18ठकुरानी राधा रानी बता दे॥ 6406॥
19सौकुमार्य की सार गोविंद राधे।
20ठकुरानी राधा रानी बता दे॥ 6407॥
21सौरस्य की सार गोविंद राधे।
22ठकुरानी राधा रानी बता दे॥ 6408॥
23सारल्य की सार गोविंद राधे।
24ठकुरानी राधा रानी बता दे॥ 6409॥