Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा · पृष्ठ 547
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1अष्ट महासखी गोविंद राधे।
2नाम हैं ललिता विशाखा बता दे॥ 6350॥
3सुदेवी रंगदेवी गोविंद राधे।
4चम्पकलता चित्रलेखा बता दे॥ 6351॥
5तुंगविद्या अरु गोविंद राधे।
6इन्दुलेखा सखी आठ बता दे॥ 6352॥
7ललिता जानें सब गोविंद राधे।
8प्रीति की रीति भलीभाँति बता दे॥ 6353॥
9ताम्बूल बीरी गोविंद राधे।
10रचि के दें लाली लाल को बता दे॥ 6354॥
11गोरोचन सम गोविंद राधे।
12ललिता की अंग प्रभा है बता दे॥ 6355॥
13मोरपुच्छ वारी गोविंद राधे।
14सारी ललिता पहिरें बता दे॥ 6356॥
15विशाखा सखी तो गोविंद राधे।
16सदा रहें श्यामा पास बता दे॥ 6357॥
17विविध रंगों के गोविंद राधे।
18वस्त्र पहिरावें युगल को बता दे॥ 6358॥
19उनकी है तनु दुति गोविंद राधे।
20कोटिन दामिनि सदृश बता दे॥ 6359॥
21उनका वस्त्र तो है गोविंद राधे।
22तारा मण्डल सदृश बता दे॥ 6360॥
23चम्पकलता तो गोविंद राधे।
24सर्वविद्या विदुषी हैं बता दे॥ 6361॥