Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा · पृष्ठ 541
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1राधा के नेत्र युग गोविंद राधे।
2दिव्य उत्फुल्ल पद्म सदृश बता दे॥ 6278॥
3राधा के अधर लाल गोविंद राधे।
4दिव्य बिम्बफल के सदृश बता दे॥ 6279॥
5राधा की कटि दिव्य गोविंद राधे।
6किंकिनि ते अलंकृत है बता दे॥ 6280॥
7राधा दंतपंक्ति श्वेत गोविंद राधे।
8दिव्य दाड़िम बीज सदृश बता दे॥ 6281॥
9राधा मृदु मुसकनि गोविंद राधे।
10मनमोहन मोहिनि है बता दे॥ 6282॥
11राधा दिव्य अंग ते गोविंद राधे।
12भूषण भी भूषित हों बता दे॥ 6283॥
13राधा केश घुँघराले गोविंद राधे।
14अलंकृत मालती माला बता दे॥ 6284॥
15राधा गौर प्रत्यंग गोविंद राधे।
16सुकुमार ते सुकुमार बता दे॥ 6285॥
17उनका अंग अंग गोविंद राधे।
18लखें अनंगविमोहन बता दे॥ 6286॥
19प्यारी सुकुमारी गोविंद राधे।
20रूप की खिली मंजु वाटिका बता दे॥ 6287॥
21प्यारी नेत्र युग गोविंद राधे।
22रूपसरोवर कमल बता दे॥ 6288॥
23अधर लालिमा है गोविंद राधे।
24मानो बंधूक का पुष्प बता दे॥ 6289॥