Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा · पृष्ठ 537
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1भोरी भारी राधा ने गोविंद राधे।
2माना उसे अन्य सुन्दरी बता दे॥ 6230॥
3पुनि शोकमग्न भईं गोविंद राधे।
4मन में सोचने लगी थीं बता दे॥ 6231॥
5यदि इस सुन्दरी को गोविंद राधे।
6कृष्ण ने देख लिया कभू भी बता दे॥ 6232॥
7तो कृष्ण याते ही गोविंद राधे।
8प्यार करेंगे तजि मोहिं बता दे॥ 6233॥
9इतने में आई सखि गोविंद राधे।
10ललिता राधारानी ढिग में बता दे॥ 6234॥
11ललिता ने पूछा कौन गोविंद राधे।
12चिन्ता में बैठी हो स्वामिनी बता दे॥ 6235॥
13राधा ने प्रतिबिम्ब गोविंद राधे।
14ललिता को भी दिखलाया बता दे॥ 6236॥
15ललिता ने कहा हँसि गोविंद राधे।
16यह तो तुम्हारा प्रतिबिम्ब बता दे॥ 6237॥
17स्वामिनी राधारानी गोविंद राधे।
18आपके समान हैं आपु ही बता दे॥ 6238॥
19औरों की बात कौन गोविंद राधे।
20आप की दासी कोटि कमला बता दे॥ 6239॥
21राधा का भोलापन गोविंद राधे।
22जिसको न भाये ऐसा कौन है बता दे॥ 6240॥
23श्याम धारें मोरपंख गोविंद राधे।
24गुंजमाल अरु बनमाल बता दे॥ 6241॥