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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

श्री राधा · पृष्ठ 529

Reading 29 of 452 · Source nos. 6134–6145 · Source PDF 32

1लाली के चरण नित गोविंद राधे।

2लाल चापें धीरे धीरे डरपि बता दे॥ 6134॥

3अलक्तकचित्रित गोविंद राधे।

4लाली चरण चूमें लाल जू बता दे॥ 6135॥

5कभु निज नेत्रों ते गोविंद राधे।

6कभु उर ते लगावें चरण बता दे॥ 6136॥

7ध्यान ते देखें पुनि गोविंद राधे।

8लाली पग तल के चिह्न बता दे॥ 6137॥

9नासा ते बार बार गोविंद राधे।

10चरण सौगन्ध्य को सूँघें बता दे॥ 6138॥

11प्रिया पद कमलन गोविंद राधे।

12धीरे धीरे सहलायें बता दे॥ 6139॥

13लाली यह लाल स्नेह गोविंद राधे।

14लखि बार बार चिपटावें बता दे॥ 6140॥

15लाली कहें लाल जू गोविंद राधे।

16मेरे चरण तो सखिन के बता दे॥ 6141॥

17उनको अधिकार गोविंद राधे।

18तुम काहे को छीनो बता दे॥ 6142॥

19लाल कहें लाली जू गोविंद राधे।

20मेरो अधिकार प्रथम बता दे॥ 6143॥

21तुम आराध्या हो गोविंद राधे।

22मैं अवराधक तुम्हरो बता दे॥ 6144॥

23छबीली छवि लखि गोविंद राधे।

24छबीले श्याम डूबें प्रेम में बता दे॥ 6145॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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