Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा · पृष्ठ 525
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1श्रीराधारानी हैं गोविंद राधे।
2नित्य दिव्य लीलारूपिणी बता दे॥ 6086॥
3श्रीराधारानी हैं गोविंद राधे।
4ब्रह्म श्रीकृष्णप्राणेश्वरी बता दे॥ 6087॥
5राधा भानुनन्दिनी हैं गोविंद राधे।
6जगमोहन मनमोहिनी बता दे॥ 6088॥
7राधा सखिस्वामिनी हैं गोविंद राधे।
8काममोहन मनमोहिनी बता दे॥ 6089॥
9राधा जगमोहिनी हैं गोविंद राधे।
10स्वमनमोहन की मोहिनी बता दे॥ 6090॥
11राधा रसरूपिणी हैं गोविंद राधे।
12पूर्णिमास्वरूपिणी ह्लादिनी बता दे॥ 6091॥
13राधा रासेश्वरी हैं गोविंद राधे।
14गोपियों की प्राण ईश्वरी बता दे॥ 6092॥
15“क” है ब्रह्मा “ई” शिव गोविंद राधे।
16दोनों को वश करे केशव बता दे॥ 6093॥
17“गोभिर्विंद्यते” गोविंद राधे।
18इति शब्द है गोविंद बता दे॥ 6094॥
19भाव यह श्रुतियों ते गोविंद राधे।
20प्राप्य तत्व है गोविंद बता दे॥ 6095॥
21गो अर्थ पृथिवी है गोविंद राधे।
22विंद अर्थ पालक सब को बता दे॥ 6096॥
23गो अर्थ इंद्रिय गोविंद राधे।
24विंद अर्थ रसप्रद सब को बता दे॥ 6097॥