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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

श्री राधा · पृष्ठ 522

Reading 22 of 452 · Source nos. 6050–6061 · Source PDF 25

1विधि हरि हर को भी गोविंद राधे।

2तव तत्व बोध है कठिन बता दे॥ 6050॥

3इच्छा ज्ञान क्रिया शक्ति गोविंद राधे।

4सब ही आपकी अंश हैं बता दे॥ 6051॥

5बड़े बड़े योगियों के गोविंद राधे।

6ध्यान में आप नहिं आतीं बता दे॥ 6052॥

7आप सर्वेश्वरी हो गोविंद राधे।

8मनोकामना करो पूरी बता दे॥ 6053॥

9जिस रूप माधुरी ते गोविंद राधे।

10श्रीकृष्ण मोहे सोई रूप दिखा दे॥ 6054॥

11इतने में राधा जी गोविंद राधे।

12चौदह वर्ष की हो गईं बता दे॥ 6055॥

13उस रूपमाधुरी का गोविंद राधे।

14रस जानें एकमात्र कृष्ण बता दे॥ 6056॥

15इतने में सखिजन गोविंद राधे।

16दिव्य तनु धरि भईं प्रकट बता दे॥ 6057॥

17उन सब के ही थे गोविंद राधे।

18वस्त्र आभूषण दिव्य बता दे॥ 6058॥

19सब सखी राधा के गोविंद राधे।

20चारों ओर खड़ी हो गयीं बता दे॥ 6059॥

21नारद रसिक लखि गोविंद राधे।

22आश्चर्ययुत भये मोहित बता दे॥ 6060॥

23कण्ठ हुआ गदगद गोविंद राधे।

24वाणी अवरुद्ध नेत्र अश्रु बहा दे॥ 6061॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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