Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा · पृष्ठ 520
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1जिस पै हो राधा कृपा गोविंद राधे।
2सोई जाने राधा महिमा बता दे॥ 6026॥
3राधा तत्व जाने बिनु गोविंद राधे।
4जो करे कृष्ण की भक्ति बता दे॥ 6027॥
5उसके समान मूढ़ गोविंद राधे।
6एकमात्र सोइ है मूढ़ बता दे॥ 6028॥
7राधा पद रज ते ही गोविंद राधे।
8कोटि विष्णु होते प्रकट बता दे॥ 6029॥
9श्रीकृष्ण आत्मरति गोविंद राधे।
10आत्मा हैं राधा रानी बता दे॥ 6030॥
11सब नातेदारों ते गोविंद राधे।
12प्रिय तो अधिक निज तनु है बता दे॥ 6031॥
13तनु ते अधिक मन गोविंद राधे।
14मन ते अधिक प्रिय आत्मा बता दे॥ 6032॥
15आत्मा ते प्रिय तो है गोविंद राधे।
16परमात्मा श्री कृष्ण बता दे॥ 6033॥
17परमात्मा ते प्रिय गोविंद राधे।
18परमात्मा की आत्मा राधा बता दे॥ 6034॥
19राधा देही कृष्ण देह गोविंद राधे।
20देही बिनु देह कोई पूछे ना बता दे॥ 6035॥
21राधा का प्राकट्य गोविंद राधे।
22कृष्ण के समान दिव्य चिन्मय बता दे॥ 6036॥
23राधा दरस हित गोविंद राधे।
24नारद गये बरसाने बता दे॥ 6037॥