Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 482
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1कारण श्रीकृष्ण गोविंद राधे।
2स्वयं भगवान अवतारी बता दे॥ 5624॥
3श्रीकृष्ण भक्तों में गोविंद राधे।
4धन्य श्रीकृष्ण दास्यभक्त बता दे॥ 5625॥
5कृष्ण दास्य भक्तों ते गोविंद राधे।
6धन्य हैं कृष्ण सख्यभक्त बता दे॥ 5626॥
7कृष्ण सख्य भक्तों ते गोविंद राधे।
8धन्य कृष्ण वात्सल्यभक्त बता दे॥ 5627॥
9वात्सल्य भक्तों ते गोविंद राधे।
10धन्य कृष्ण माधुर्यभक्त बता दे॥ 5628॥
11माधुर्य भक्तों में गोविंद राधे।
12धन्य निष्कामभक्त गोपियाँ बता दे॥ 5629॥
13गोपियों ते आगे गोविंद राधे।
14जीव की है नाहिं गति ही बता दे॥ 5630॥
15अतएव गोपियाँ ही गोविंद राधे।
16धन्य धन्य धन्य धन्य धन्य बता दे॥ 5631॥
17गोपियों में भी हैं गोविंद राधे।
18मूर्धन्य ललितादि सखियाँ बता दे॥ 5632॥
19किन्तु वहाँ कोई गोविंद राधे।
20जीव नहिं जा सकता है बता दे॥ 5633॥
21नँदनंद माधुर्य गोविंद राधे।
22भाव निष्काम लक्ष्य जीव का बता दे॥ 5634॥
23मणि का प्रकार तीन गोविंद राधे।
24एक तो साधारण मणि है बता दे॥ 5635॥