Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 479
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1सर्वश्रेष्ठ माधुर्य गोविंद राधे।
2इसमें हैं चारों भाव बता दे॥ 5588॥
3सखी भाव रसिकों का गोविंद राधे।
4श्याम दर्शन ही लक्ष्य बता दे॥ 5589॥
5कान्त भाव रसिकों का गोविंद राधे।
6दर्शन के साथ लक्ष्य स्पर्श भी बता दे॥ 5590॥
7सर्वश्रेष्ठ विद्या कौन गोविंद राधे।
8राय कहें कृष्णभक्ति श्रेष्ठ बता दे॥ 5591॥
9सर्वश्रेष्ठ कीर्ति कौन गोविंद राधे।
10राय कहें कृष्णदासकीर्ति बता दे॥ 5592॥
11सर्वश्रेष्ठ धन कौन गोविंद राधे।
12राय कहें कृष्णप्रेमधन है बता दे॥ 5593॥
13सर्वाधिक दुःख कौन गोविंद राधे।
14राय कहें हरिविरहदुःख है बता दे॥ 5594॥
15मुक्तों में मुक्त कौन गोविंद राधे।
16राय कहें कृष्णभक्त मुक्त बता दे॥ 5595॥
17सर्वश्रेष्ठ गान कौन गोविंद राधे।
18राय कहें गोपीगीत बता दे॥ 5596॥
19सर्वश्रेष्ठ श्रेय कौन गोविंद राधे।
20राय कहें कृष्णभक्त संग बता दे॥ 5597॥
21सर्वश्रेष्ठ स्मरण कौन गोविंद राधे।
22राय कहें कृष्णगुण, लीला बता दे॥ 5598॥
23सर्वश्रेष्ठ ध्यान कौन गोविंद राधे।
24राय कहें राधाकृष्णध्यान बता दे॥ 5599॥