Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 435
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1हरि कृपा करुणा पै गोविंद राधे।
2पूर्ण विश्वास अनन्यता बता दे॥ 5060॥
3सत्य आश्रय तो हैं गोविंद राधे।
4हरि आश्रय ही अनन्य बता दे॥ 5061॥
5इष्टदेव एक ही हो गोविंद राधे।
6रैन दिन उसमें ही मन को लगा दे॥ 5062॥
7जगद्गुरु माध्वाचार्य गोविंद राधे।
8इष्ट लक्ष्मी नारायण बता दे॥ 5063॥
9जगद्गुरु रामानुज गोविंद राधे।
10इष्ट लक्ष्मी नारायण बता दे॥ 5064॥
11शेष वैष्णवों के तो गोविंद राधे।
12इष्ट हैं राधा कृष्ण बता दे॥ 5065॥
13इष्टदेव भगवान गोविंद राधे।
14उनकी ही भक्ति करो शेष को भुला दे॥ 5066॥
15मंगल मंगल गोविंद राधे।
16देवों के देव हैं कृष्ण बता दे॥ 5067॥
17देवी देव माननीय गोविंद राधे।
18किन्तु भजनीय श्रीकृष्ण हैं बता दे॥ 5068॥
19मन ते सब का ही गोविंद राधे।
20करो सम्मान प्रेम हरि ते बता दे॥ 5069॥
21पंच देवोपासना है गोविंद राधे।
22विष्णु, शिव, गणेश, दुर्गा, सूर्य बता दे॥ 5070॥
23दुर्गा हैं राधा अंश गोविंद राधे।
24दुर्गा जी की जय जयकार करा दे॥ 5071॥