Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 432
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1इन्द्र तो चले गये गोविंद राधे।
2आई समक्ष कामधेनु बता दे॥ 5024॥
3कृष्ण को प्रणाम किया गोविंद राधे।
4पुनि किया कृष्ण की अस्तुति बता दे॥ 5025॥
5आप हैं महायोगी गोविंद राधे।
6आप महायोगेश्वर हैं बता दे॥ 5026॥
7आप सच्चिदानन्द गोविंद राधे।
8परात्पर ब्रह्म कृष्ण हैं बता दे॥ 5027॥
9आप विश्वकारण गोविंद राधे।
10आप ही विश्वरूप भी हैं बता दे॥ 5028॥
11आप ही अच्युत गोविंद राधे।
12आप ही जग के रक्षक बता दे॥ 5029॥
13आप विश्वेश्वर गोविंद राधे।
14आप ही मेरे सेव्य बता दे॥ 5030॥
15इन्द्र त्रिलोकी का गोविंद राधे।
16मेरे तो एक इन्द्र आप हैं बता दे॥ 5031॥
17ब्रह्मा की प्रेरणा ते गोविंद राधे।
18हम सब गाय आप इन्द्र हैं बता दे॥ 5032॥
19यदि आज्ञा हो तो गोविंद राधे।
20अभिषेक करना चाहें बता दे॥ 5033॥
21पुनि कामधेनु ने गोविंद राधे।
22दूध ते किया अभिषेक बता दे॥ 5034॥
23इन्द्र की आज्ञा ते गोविंद राधे।
24ऐरावत ने भी सूँड़ ते बता दे॥ 5035॥