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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

भक्ति · पृष्ठ 428

Reading 439 of 516 · Source nos. 4976–4987 · Source PDF 445

1इसी का अवतार गोविंद राधे।

2युग युग में सदा हुआ है बता दे॥ 4976॥

3कभू श्वेत कभु रक्त गोविंद राधे।

4कभू रंग पीत वर्ण का हो बता दे॥ 4977॥

5द्वापर युग में तो गोविंद राधे।

6कृष्ण वर्ण का है रंग बता दे॥ 4978॥

7गर्ग ने बताया था गोविंद राधे।

8इसके अनन्त नाम रूप हैं बता दे॥ 4979॥

9यह कृष्ण बालक गोविंद राधे।

10ब्रज का ही रक्षक नहीं है बता दे॥ 4980॥

11यह सब जग का है गोविंद राधे।

12सृष्टि स्थिति प्रलय कर्ता बता दे॥ 4981॥

13अब तो तुम लोगों की गोविंद राधे।

14शंका भाग गई होगी बता दे॥ 4982॥

15गिरि को उठाके जब गोविंद राधे।

16ब्रज को बचा लिया कृष्ण ने बता दे॥ 4983॥

17तब गोलोक ते गोविंद राधे।

18आ गइ दिव्य कामधेनु बता दे॥ 4984॥

19दिव्य कामधेनु ने गोविंद राधे।

20श्रीकृष्ण को दी बधाई बता दे॥ 4985॥

21उसी समय स्वर्ग ते गोविंद राधे।

22आया पराजित इन्द्र भी बता दे॥ 4986॥

23कृष्ण प्रभाव लखि गोविंद राधे।

24इन्द्र का गर्व मिला धूल में बता दे॥ 4987॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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