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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

भक्ति · पृष्ठ 414

Reading 425 of 516 · Source nos. 4808–4819 · Source PDF 431

1मेरी दो परार्ध गोविंद राधे।

2आयु समाप्त हो जाये जो बता दे॥ 4808॥

3तब कृष्ण संकल्प गोविंद राधे।

4ब्रह्मलोक तक को जला दे बता दे॥ 4809॥

5मैं या हरि हर गोविंद राधे।

6सब हैं कृष्ण आधीन बता दे॥ 4810॥

7भक्त अपराधी को गोविंद राधे।

8हम नाहीं बचा सकते बता दे॥ 4811॥

9कोरा सा उत्तर गोविंद राधे।

10दिया ब्रह्मा ने मुनि को बता दे॥ 4812॥

11तब गए दुर्वासा गोविंद राधे।

12कैलाश शिव के पास बता दे॥ 4813॥

13शिव ने कहा मुनि गोविंद राधे।

14हम भी हैं कृष्ण के दास बता दे॥ 4814॥

15कृष्ण की शक्ति ते गोविंद राधे।

16हम भी हैं शक्तिमान बता दे॥ 4815॥

17उनके विरुद्ध हम गोविंद राधे।

18कछु भी न सोचें स्वप्न में बता दे॥ 4816॥

19तुम भक्तद्रोही हो गोविंद राधे।

20अतएव हम असमर्थ बता दे॥ 4817॥

21हम या कोई भी गोविंद राधे।

22तुम को बचा नाहिं सकता बता दे॥ 4818॥

23याते तुम जावो वहीं गोविंद राधे।

24शरण चरण श्रीकृष्ण की बता दे॥ 4819॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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