Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 404
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1कई ब्रजवासी आये गोविंद राधे।
2कहा सुलझा दूँ बाबा ना ना सुना दे॥ 4688॥
3पति पत्नी के बीच गोविंद राधे।
4तीसरे किसी का आना मना है बता दे॥ 4689॥
5अन्त में हारि कृष्ण गोविंद राधे।
6बूढ़े बनि आये कहा कृष्ण हूँ बता दे॥ 4690॥
7बाबा ने कहा बूढ़े गोविंद राधे।
8चला जा निज पथ छूना ना बता दे॥ 4691॥
9मेरे कृष्ण बूढ़े नहिं गोविंद राधे।
10रस सिरमौर किशोर हैं बता दे॥ 4692॥
11तब कृष्ण नटवेष गोविंद राधे।
12साँचो कृष्ण बनि भये प्रकट बता दे॥ 4693॥
13कृष्ण ने कहा बाबा गोविंद राधे।
14अब सुलझा दूँ जटा उलझी बता दे॥ 4694॥
15बाबा ने कहा ना ना गोविंद राधे।
16कैसे मानूँ मेरे कृष्ण तुम हो बता दे॥ 4695॥
17एक कृष्ण द्वारिका के गोविंद राधे।
18एक कृष्ण मथुरा के भी हैं बता दे॥ 4696॥
19मैं तो हूँ कुंज के गोविंद राधे।
20कृष्ण का प्रेमी उन कृष्ण को बुला दे॥ 4697॥
21कृष्ण ने कहा मैं ही गोविंद राधे।
22श्रीकृष्ण कुंजबिहारी बता दे॥ 4698॥
23बाबा ने कहा यदि गोविंद राधे।
24प्यारी जू कहें तब मानूँ बता दे॥ 4699॥