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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

भक्ति · पृष्ठ 403

Reading 414 of 516 · Source nos. 4676–4687 · Source PDF 420

1कभू नाम गाते गाते गोविंद राधे।

2मुर्छित गिरि जाते क्षिति पै बता दे॥ 4676॥

3कभू नाम गाते गाते गोविंद राधे।

4नाचते थे उन्मत्त होके बता दे॥ 4677॥

5कौपीनधारी थे गोविंद राधे।

6मधुकरी माँग खाते थे बता दे॥ 4678॥

7काउ ते कभू कछु गोविंद राधे।

8बात भी नहीं करते थे बता दे॥ 4679॥

9एक दिन ध्यान में ही गोविंद राधे।

10मुरली की तान सुना श्याम की बता दे॥ 4680॥

11तान सुनि व्याकुल गोविंद राधे।

12“कृष्ण तुम कहाँ हो” कहि सुधि बिसरा दे॥ 4681॥

13इतने में सचमुच गोविंद राधे।

14कृष्ण आये साँचु साँचु मुरली बजा दे॥ 4682॥

15बाबा लखि भाजे उत गोविंद राधे।

16पकरन श्यामसुन्दर को बता दे॥ 4683॥

17बाबा अरु श्याम बिच गोविंद राधे।

18थी इक घनी झाड़ी लता की बता दे॥ 4684॥

19बाबा की बड़ी बड़ी गोविंद राधे।

20जटा उलझी उसी झाड़ी में बता दे॥ 4685॥

21बाबा ने किया प्रण गोविंद राधे।

22जो उलझाये सोइ आये सुलझा दे॥ 4686॥

23कई दिन बीत गये गोविंद राधे।

24बाबा ने हठ नहिं छोड़ा बता दे॥ 4687॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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