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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

भक्ति · पृष्ठ 379

Reading 390 of 516 · Source nos. 4388–4399 · Source PDF 396

1प्रिया की कलाई में गोविंद राधे।

2रंगबिरंगी चूरियाँ बता दे॥ 4388॥

3पिया की कलाई पै गोविंद राधे।

4रतन खचित पहुँची है बता दे॥ 4389॥

5युगल अँगुलियों में गोविंद राधे।

6विविध मणिन मुद्रिकायें बता दे॥ 4390॥

7दोनों के करतल गोविंद राधे।

8लाल लाल मेहँदी ललित बता दे॥ 4391॥

9प्रिया के गल बिच गोविंद राधे।

10मणि मुक्तन को हार बता दे॥ 4392॥

11पिया के गल बिच गोविंद राधे।

12बहुरंगी मुक्तमाल बता दे॥ 4393॥

13प्रिया के उर पै गोविंद राधे।

14शोभित है चन्द्रहार बता दे॥ 4394॥

15पिया के उर पै गोविंद राधे।

16वैजयन्ती वनमाल बता दे॥ 4395॥

17दोनों के वक्ष पै गोविंद राधे।

18रंगों की बौछार बता दे॥ 4396॥

19दोनों के कटि तट गोविंद राधे।

20मणिनजटित किंकिणि है बता दे॥ 4397॥

21प्रिया के नीलाम्बर गोविंद राधे।

22पिया के पीताम्बर चमके बता दे॥ 4398॥

23प्रिया के चरणों में गोविंद राधे।

24कनकन पायल दमक बता दे॥ 4399॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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