लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content
Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

भक्ति · पृष्ठ 378

Reading 389 of 516 · Source nos. 4376–4387 · Source PDF 395

1पिया के कर्णों में गोविंद राधे।

2मणिमय कुण्डल चमक बता दे॥ 4376॥

3कर्णफूल कुण्डल गोविंद राधे।

4झलमल झलक कपोल पै बता दे॥ 4377॥

5प्रिया की नासा पै गोविंद राधे।

6बेसर चमचम चमके बता दे॥ 4378॥

7पिया की नासा पै गोविंद राधे।

8मुक्ताहल भल झलके बता दे॥ 4379॥

9दोनों के चपल नैन गोविंद राधे।

10अति ही रसीले गँसीले बता दे॥ 4380॥

11दोनों के अधर हैं गोविंद राधे।

12दिव्य बिम्बफल के सदृश बता दे॥ 4381॥

13दोनों के कपोल गोल गोविंद राधे।

14मृदु मुसकनि अनमोल बता दे॥ 4382॥

15दोनों के नैनों में गोविंद राधे।

16अंजन खंजन को भी लजा दे॥ 4383॥

17दोनों के अधरों में गोविंद राधे।

18तांबूल की लाली है बता दे॥ 4384॥

19दोनों के अंगों ते गोविंद राधे।

20कुंज है आपु प्रकाश्य बता दे॥ 4385॥

21प्रिया की भुजन पै गोविंद राधे।

22मणिमंडित चूड़ा है बता दे॥ 4386॥

23पिया की भुजन पै गोविंद राधे।

24मणिमय बाजूबंद बता दे॥ 4387॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

Source edition and PDF · Text version