Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 377
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1अग जग सब जग गोविंद राधे।
2श्यामा श्याममय मन ध्यान करा दे॥ 4364॥
3शरणागत पूछे गोविंद राधे।
4हे शरण्य श्यामा श्याम ध्यान बता दे॥ 4365॥
5युगल किशोर की तो गोविंद राधे।
6रूप माधुरी शब्दगम्य ना बता दे॥ 4366॥
7युगल अंग प्रत्यंग गोविंद राधे।
8भूषणों के भूषण हैं बता दे॥ 4367॥
9प्रिया सीमान्त प्रान्त गोविंद राधे।
10अरुण सिंदूर मंडित है बता दे॥ 4368॥
11मुक्ताओं की लर गोविंद राधे।
12शीश फूल शोभित भी है बता दे॥ 4369॥
13प्रियतम सिर पै गोविंद राधे।
14झूमती मोर चन्द्रिका है बता दे॥ 4370॥
15युगल मुकुटमणि गोविंद राधे।
16इन्द्रधनुष छविदार बता दे॥ 4371॥
17मुकुट चमक मुख गोविंद राधे।
18करे रंगन बौछार बता दे॥ 4372॥
19प्रिया के ललाट पै गोविंद राधे।
20श्याम वर्ण की है बिन्दी बता दे॥ 4373॥
21पिया के ललाट पै गोविंद राधे।
22अरुण वर्ण की है बिंदी बता दे॥ 4374॥
23प्रिया के कर्णों में गोविंद राधे।
24कर्णफूल रत्नों ते खचित बता दे॥ 4375॥