Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 332
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1पाण्डव करनी क्या थी गोविंद राधे।
2भक्ति उन्हें कृष्णप्राणप्यारा बना दे॥ 3824॥
3विभीषण शक्ति क्या थी गोविंद राधे।
4भक्ति उसे लंका का राजा बना दे॥ 3825॥
5धु्रव की आयु क्या थी गोविंद राधे।
6भक्ति उसको ध्रुव लोक दिला दे॥ 3826॥
7महरानी शतरूपा गोविंद राधे।
8जिनके पति राजा मनु थे बता दे॥ 3827॥
9उनके थे दो सुत गोविंद राधे।
10प्रियव्रत उत्तानपाद बता दे॥ 3828॥
11उत्तानपाद के तो गोविंद राधे।
12सुनीति सुरुचि दो पत्नियाँ बता दे॥ 3829॥
13दोनों ही पत्नियों में गोविंद राधे।
14राजा को प्रिय थी सुरुचि बता दे॥ 3830॥
15सुनीति पुत्र धु्रव गोविंद राधे।
16सुरुचि पुत्र उत्तम था बता दे॥ 3831॥
17एक दिन महाराज गोविंद राधे।
18उत्तम को गोद लिए थे बता दे॥ 3832॥
19उसी समय ध्रुव भी गोविंद राधे।
20राजा की गोद लगे बैठने बता दे॥ 3833॥
21उत्तानपाद ने गोविंद राधे।
22ध्रुव को उतार दिया गोद ते बता दे॥ 3834॥
23इतने में सुरुचि भी गोविंद राधे।
24आई सुनाई खरी खोटी बता दे॥ 3835॥