Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 331
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1रागी हो विरागी हो गोविंद राधे।
2दोनों अधिकारी भक्ति पथ के बता दे॥ 3812॥
3अज्ञानी हो या ज्ञानी गोविंद राधे।
4दोनों अधिकारी भक्ति पथ के बता दे॥ 3813॥
5साधक हो या सिद्ध गोविंद राधे।
6दोनों अधिकारी भक्ति पथ के बता दे॥ 3814॥
7योगी हो भोगी हो गोविंद राधे।
8दोनों अधिकारी भक्ति पथ के बता दे॥ 3815॥
9व्याधाचरण क्या था गोविंद राधे।
10भक्ति उसे बाल्मीकि सिद्ध बना दे॥ 3816॥
11गज का ज्ञान क्या था गोविंद राधे।
12भक्ति उसको भी वैकुण्ठ पहुँचा दे॥ 3817॥
13कुब्जा का रूप क्या था गोविंद राधे।
14भक्ति उसे कमला सा प्यार दिला दे॥ 3818॥
15सुदामा धन क्या था गोविंद राधे।
16भक्ति द्वारिका सा ऐश्वर्य दिला दे॥ 3819॥
17विदुर का कुल क्या था गोविंद राधे।
18भक्ति विदुरानी केला छिलका खिला दे॥ 3820॥
19तजि छप्पन भोग गोविंद राधे।
20केले के छिलके में स्वाद बता दे॥ 3821॥
21उग्रसेन बल क्या था गोविंद राधे।
22भक्ति उसे मथुरा का राज्य दिला दे॥ 3822॥
23शबरी की जाति क्या थी गोविंद राधे।
24भक्ति राम को भी जूठे बेर खिला दे॥ 3823॥