Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
भक्ति · पृष्ठ 322
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1भवरोग औषधि गोविंद राधे।
2भगवान की सन्मुखता बता दे॥ 3704॥
3सन्मुखता हित गोविंद राधे।
4श्रीकृष्ण भक्ति निष्काम बता दे॥ 3705॥
5निष्काम कर्म ते भी गोविंद राधे।
6कृष्ण सन्मुखता कछु हो बता दे॥ 3706॥
7निष्कर्म ज्ञान ते भी गोविंद राधे।
8कृष्ण सन्मुखता कछु हो बता दे॥ 3707॥
9ज्ञान की उपाधि तीन गोविंद राधे।
10ज्ञाता अरु ज्ञान अरु ज्ञेय बता दे॥ 3708॥
11तीनों ते रहित ज्ञान गोविंद राधे।
12ब्रह्म ते ऐक्य निरंजन बता दे॥ 3709॥
13अष्टांग योग ते भी गोविंद राधे।
14कृष्ण सन्मुखता कछु हो बता दे॥ 3710॥
15ऐसे सांख्य आदि भी गोविंद राधे।
16कछु सन्मुखता करा दें बता दे॥ 3711॥
17किन्तु कृष्णभक्ति बिनु गोविंद राधे।
18पूर्ण सन्मुखता हो ना बता दे॥ 3712॥
19भक्ति आरोपसिद्धा गोविंद राधे।
20सर्व कर्म अर्पण रूपा बता दे॥ 3713॥
21भक्ति जो संगसिद्धा गोविंद राधे।
22कर्म ज्ञान योगादि मिश्रित बता दे॥ 3714॥
23भक्ति स्वरूपसिद्धा गोविंद राधे।
24सर्वश्रेष्ठ निष्काम रूपा बता दे॥ 3715॥