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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 316

Reading 327 of 516 · Source nos. 3643–3654 · Source PDF 333

1दस लक्षण युक्त गोविंद राधे।

2श्री मद्भागवत पुराण बता दे॥ 3643॥

3यही भागवत गोविंद राधे।

4सब ही पुराणों का मुकुट बता दे॥ 3644॥

5चैतन्य देव कह गोविंद राधे।

6भागवत ब्रह्मसूत्र भाष्य है बता दे॥ 3645॥

7भागवत सिद्धान्त गोविंद राधे।

8अचिन्त्य भेदाभेदवाद बता दे॥ 3646॥

9दर्शन के भेद दो हैं गोविंद राधे।

10वैदिक और अवैदिक बता दे॥ 3647॥

11वैदिक भेद दो हैं गोविंद राधे।

12ईश्वर, अनीश्वरवादी बता दे॥ 3648॥

13भेद अवैदिक दो गोविंद राधे।

14ईश्वर, अनीश्वरवादी बता दे॥ 3649॥

15ईश्वरीय वैदिक छे गोविंद राधे।

16उनमें है मुख्य वेदान्त बता दे॥ 3650॥

17वेदान्त भी हैं दो गोविंद राधे।

18निर्विशेष सविशेष वादी बता दे॥ 3651॥

19सविशेष वादी पाँच गोविंद राधे।

20विष्णु, शिव, गणेश, दुर्गा, सूर्य बता दे॥ 3652॥

21सविशेष विष्णुवादी गोविंद राधे।

22द्वैताद्वैत आदि भेद विविध बता दे॥ 3653॥

23शास्त्रों की तीन श्रेणी गोविंद राधे।

24व्यास का मत्स्य पुराण बता दे॥ 3654॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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