Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 317
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1कछु शास्त्र सात्विक गोविंद राधे।
2उनमें हैं हरि की कथायें बता दे॥ 3655॥
3कछु शास्त्र राजस गोविंद राधे।
4उनमें हैं ब्रह्मा की कथायें बता दे॥ 3656॥
5कछु शास्त्र तामस गोविंद राधे।
6उनमें हैं शिव की कथायें बता दे॥ 3657॥
7कर्म के हेतु ग्रंथ गोविंद राधे।
8कर्म मीमांसा भरद्वाज का बता दे॥ 3658॥
9कर्म के हेतु तो है गोविंद राधे।
10जैमिनि का पूर्व मीमांसा बता दे॥ 3659॥
11पूर्व मीमांसक गोविंद राधे।
12शास्त्र का सही अर्थ वेद बता दे॥ 3660॥
13“शास्त्र योनित्वात्” गोविंद राधे।
14सूत्र शास्त्र अर्थ सब वेद बता दे॥ 3661॥
15वेदान्त शब्द का तो गोविंद राधे।
16मुख्य अर्थ है उपनिषत बता दे॥ 3662॥
17दर्शन स्मृति गीता गोविंद राधे।
18स्वतः प्रामाण्य नहिं वैदिक बता दे॥ 3663॥
19दर्शनादि प्रामाण्य गोविंद राधे।
20हेतु वेदमूलक होना बता दे॥ 3664॥
21वेदमूलक ग्रन्थ गोविंद राधे।
22जो भी हों सब हैं मान्य बता दे॥ 3665॥
23ज्ञान के हेतु तो है गोविंद राधे।
24वेदव्यास का ब्रह्मसूत्र बता दे॥ 3666॥