Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 305
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1महाभाग व्यास जी गोविंद राधे।
2आप की दृष्टि अमोघ बता दे॥ 3511॥
3सत्यपरायण गोविंद राधे।
4आप हैं पवित्रकीर्ति व्यास बता दे॥ 3512॥
5भगवान कृष्ण की गोविंद राधे।
6लीलायें स्मरण कीजिये बता दे॥ 3513॥
7केवल कृष्ण की ही गोविंद राधे।
8लीलाकथा को लिखिये बता दे॥ 3514॥
9जो धर्म कर्म तजि गोविंद राधे।
10करें एकमात्र कृष्णभक्ति बता दे॥ 3515॥
11उनका योगक्षेम गोविंद राधे।
12कृष्ण ही वहन करें नित्य बता दे॥ 3516॥
13उनका पतन नाहिं गोविंद राधे।
14होने दें कृष्ण कबहूँ बता दे॥ 3517॥
15आप तो व्यास जी गोविंद राधे।
16भगवान के अवतार बता दे॥ 3518॥
17आप तो अजन्मा हैं गोविंद राधे।
18जीव कल्याण हित आये बता दे॥ 3519॥
19अतएव आप अब गोविंद राधे।
20भक्ति की महिमा लिखिए बता दे॥ 3520॥
21शंकर थे कृष्णभक्त गोविंद राधे।
22उनकी कृतियाँ प्रमाण बता दे॥ 3521॥
23शंकराचार्य कह गोविंद राधे।
24कोइ करे भक्ति सकाम बता दे॥ 3522॥