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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 302

Reading 313 of 516 · Source nos. 3475–3486 · Source PDF 319

1सत्यवती गर्भ ते गोविंद राधे।

2पराशरपुत्र हुये व्यास बता दे॥ 3475॥

3वेदव्यास चार नाम गोविंद राधे।

4पराशरसुत याते पाराशर बता दे॥ 3476॥

5वास बद्रिकाश्रम में गोविंद राधे।

6याते नाम था बादरायण बता दे॥ 3477॥

7कृष्णवर्ण द्वीपजन्म गोविंद राधे।

8याते नाम कृष्ण द्वैपायन बता दे॥ 3478॥

9कृष्ण द्वैपायन गोविंद राधे।

10भागवत निर्माता हैं बता दे॥ 3479॥

11एक दिन बैठे बैठे गोविंद राधे।

12सोचे भगवान व्यास बता दे॥ 3480॥

13कलि में अज्ञ सब गोविंद राधे।

14कल्याण कैसे होगा बता दे॥ 3481॥

15यह सोचि व्यास ने गोविंद राधे।

16रचा महाभारत को बता दे॥ 3482॥

17फिर भी मन खिन्न रहा गोविंद राधे।

18हुआ नाहिं संतोष बता दे॥ 3483॥

19महाभारत में गोविंद राधे।

20वेद अर्थ दिया खोल बता दे॥ 3484॥

21जाते स्त्री शूद्र आदि गोविंद राधे।

22धर्म कर्म का ज्ञान पा लें बता दे॥ 3485॥

23फिर भी हृदय मेरा गोविंद राधे।

24अभी अशान्त सा क्यों है बता दे॥ 3486॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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