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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 297

Reading 308 of 516 · Source nos. 3415–3426 · Source PDF 314

1शुकदेव आत्माराम गोविंद राधे।

2जब बन को जा रहे थे बता दे॥ 3415॥

3उस समय वेदव्यास गोविंद राधे।

4कर रहे थे पुत्र पीछा बता दे॥ 3416॥

5उसी समय जल में गोविंद राधे।

6स्नान कर रही थीं देवियाँ बता दे॥ 3417॥

7नंगी देवियों ने गोविंद राधे।

8नंगे शुक को देखा बता दे॥ 3418॥

9किन्तु देवियों ने गोविंद राधे।

10वस्त्र नाहिं पहना तन पै बता दे॥ 3419॥

11व्यास को वस्त्रयुत गोविंद राधे।

12देखि के पहना वस्त्र बता दे॥ 3420॥

13यह आश्चर्य लखि गोविंद राधे।

14व्यास ने कारण पूछा बता दे॥ 3421॥

15देवियाँ बोलीं व्यास गोविंद राधे।

16आप की दृष्टि में द्वैत है बता दे॥ 3422॥

17आप की बुद्धि में गोविंद राधे।

18नर अरु नारी भेद है बता दे॥ 3423॥

19आपका पुत्र शुक गोविंद राधे।

20समदर्शी भेदहीन बता दे॥ 3424॥

21याते आप हंस गोविंद राधे।

22शुकदेव हैं परमहंस बता दे॥ 3425॥

23आत्माराम शुकदेव गोविंद राधे।

24मोहे ऐसे हैं हरि गुण ही बता दे॥ 3426॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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