Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 292
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1प्रेमानन्दानन्दकन्द गोविंद राधे।
2ज्ञानानन्द आनन्द भेद बता दे॥ 3355॥
3ज्ञानानन्द प्रेमानन्द गोविंद राधे।
4दाता एक श्याम ज्ञानियों को बता दे॥ 3356॥
5आत्माराम आप्तकाम गोविंद राधे।
6पूर्णकाम भी भजें श्याम को बता दे॥ 3357॥
7ब्रह्म रस छोड़ो जनि गोविंद राधे।
8आपु छुटि जाय प्रेम बिंदु पिला दे॥ 3358॥
9ज्ञानी प्रेम पाये भाये गोविंद राधे।
10प्रेमी ब्रह्मानंद पाय मुँह बिचका दे॥ 3359॥
11ज्ञानी तो बने हैं प्रेमी गोविंद राधे।
12कोइ प्रेमी ज्ञानी बना हो तो बता दे॥ 3360॥
13ब्रह्मज्ञानी बने प्रेमी गोविंद राधे।
14शिव शुक सनकादि नाम गिना दे॥ 3361॥
15भोले भाले भोले नाथ गोविंद राधे।
16भक्ति सुख उनको भी गोपी बना दे॥ 3362॥
17शिव हूँ शिवानी सखि गोविंद राधे।
18उनते कहो वे श्याम ते मिला दें॥ 3363॥
19शिव तो हैं श्याम वंशी गोविंद राधे।
20उनते कहो श्याम वंशी बजा दें॥ 3364॥
21प्रवृत्तिवादी ज्ञानी गोविंद राधे।
22जनक भी मोहे राम रूप ते बता दे॥ 3365॥
23निवृत्तिवादी ज्ञानी गोविंद राधे।
24सनकादि भी मोहे हरि ते बता दे॥ 3366॥