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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 290

Reading 301 of 516 · Source nos. 3331–3342 · Source PDF 307

1कृष्ण का रोना अरु गोविंद राधे।

2क्रोध आदि प्राकृत नहीं है बता दे॥ 3331॥

3कृष्ण का रोना आदि गोविंद राधे।

4काल्पनिक भी नहीं है सत्य बता दे॥ 3332॥

5कृष्ण का रोना आदि गोविंद राधे।

6भक्तवश्यता का प्रमाण है बता दे॥ 3333॥

7भक्त योगक्षेम का गोविंद राधे।

8वहन करण गुण कृष्ण में बता दे॥ 3334॥

9उपर्युक्त गुण ते ही गोविंद राधे।

10ब्रह्म भगवान कहा जाता है बता दे॥ 3335॥

11दिव्य गुणयुक्त भी हैं गोविंद राधे।

12प्राकृत गुणरहित कृष्ण हैं बता दे॥ 3336॥

13निर्विशेष ब्रह्म में तो गोविंद राधे।

14आनन्द है ऐश्वर्य ना बता दे॥ 3337॥

15एक ऐश्वर्यानन्द गोविंद राधे।

16ऐश्वर्य माधुर्य पूर्ण बता दे॥ 3338॥

17एक मानसानन्द गोविंद राधे।

18ऐश्वर्य ते भी मधुर बता दे॥ 3339॥

19मानसानन्द में तो गोविंद राधे।

20ऐश्वर्यानन्द दास है बता दे॥ 3340॥

21ज्ञानी को स्वरूपानंद गोविंद राधे।

22योगी को अनुभवानंद बता दे॥ 3341॥

23भक्तों को प्रेमानंद गोविंद राधे।

24श्यामा श्याम लीलानंद रस भी दिला दे॥ 3342॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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