Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 281
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1वेद कहे सृष्टिपूर्व गोविंद राधे।
2ब्रह्म निःश्वसित याते तनु है बता दे॥ 3223॥
3वेद कहे सृष्टिपूर्व गोविंद राधे।
4ब्रह्म सोया था याते तनु है बता दे॥ 3224॥
5वेद कहे सृष्टिपूर्व गोविंद राधे।
6ब्रह्म ने की इच्छा तनु है बता दे॥ 3225॥
7वेद कहे यक्ष रूप गोविंद राधे।
8देवों ने देखा याते तनु है बता दे॥ 3226॥
9वेद कहे यक्ष रूप गोविंद राधे।
10हरि ने की बात याते तनु है बता दे॥ 3227॥
11वेद कहे यक्ष रूप गोविंद राधे।
12उमा ने बताया ब्रह्म ही था बता दे॥ 3228॥
13ब्रह्म एक रूप दो हैं गोविंद राधे।
14मूर्त अरु अमूर्त ज्ञानियों को बता दे॥ 3229॥
15ब्रह्म निराकार ही या गोविंद राधे।
16साकार ही दोनों भोले बता दे॥ 3230॥
17ब्रह्म निराकार भी है गोविंद राधे।
18ब्रह्म साकार भी है तत्व बता दे॥ 3231॥
19निराकार तो अकर्ता गोविंद राधे।
20साकार कर्ता निज जन को कृपा दे॥ 3232॥
21कोउ कहे ब्रह्म तो है गोविंद राधे।
22निर्गुण अरु निराकार बता दे॥ 3233॥
23कोउ कहे ब्रह्म तो है गोविंद राधे।
24सगुण अरु निराकार बता दे॥ 3234॥