Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 278
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1वसुदेव देवकी तो गोविंद राधे।
2थे कंस कारागार में बता दे॥ 3187॥
3आपु करे रास लीला गोविंद राधे।
4हरि गति अपरम्पार बता दे॥ 3188॥
5वेद कहे हरि तो हैं गोविंद राधे।
6काल के भी काल महाकाल बता दे॥ 3189॥
7सोई मैया बाबा तजि गोविंद राधे।
8रातों रात भाजे गोकुल को बता दे॥ 3190॥
9गोकुल तजि भाजे गोविंद राधे।
10असुरन डर नँदगाँव को बता दे॥ 3191॥
11जाते डरे डर वाको गोविंद राधे।
12मैया की पतरी सी साँटी रु ला दे॥ 3192॥
13हरि तो अजित जित गोविंद राधे।
14रणछोर नाम कैसे पड़ा ये बता दे॥ 3193॥
15जाते डरे डर सोई गोविंद राधे।
16जरासन्ध भय भागे द्वारिका बता दे॥ 3194॥
17बड़े ते बड़े कृ ष्ण गोविंद राधे।
18अणु ते भी अणु बन जायें बता दे॥ 3195॥
19विज्ञ सर्वज्ञ कृष्ण गोविंद राधे।
20अज्ञ अल्पज्ञ बन जायें बता दे॥ 3196॥
21यह माधुर्य रस गोविंद राधे।
22रसिक हि जाने जाने ज्ञानी ना बता दे॥ 3197॥
23हरि कर्म दिव्य सब गोविंद राधे।
24जीव बुद्धि प्राकृत कर्म प्राकृत बता दे॥ 3198॥