Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 277
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1निलयन अनिलयन गोविंद राधे।
2वेद में आश्रित अनाश्रित बता दे॥ 3175॥
3विज्ञान अविज्ञान गोविंद राधे।
4वेद में चेतन अरु जड़ को बता दे॥ 3176॥
5अदृष्ट दृष्ट भी है गोविंद राधे।
6अव्यवहार्य व्यवहार्य भी बता दे॥ 3177॥
7अचिन्त्य भी चिन्त्य भी गोविंद राधे।
8अग्राह्य ग्राह्य भी है ब्रह्म बता दे॥ 3178॥
9हरि है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
10कर्ता होकर भी अकर्ता बता दे॥ 3179॥
11हरि है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
12होके अकर्ता भी कर्ता बता दे॥ 3180॥
13ब्रह्म है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
14याते अणु और महान बता दे॥ 3181॥
15ब्रह्म है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
16याते है अनीह कर्मकर्ता भी बता दे॥ 3182॥
17ब्रह्म है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
18याते है अजन्मा जन्म भी है बता दे॥ 3183॥
19ब्रह्म है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
20याते नर वपु व्यापक भी बता दे॥ 3184॥
21ब्रह्म है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
22याते है न्यायी भी कृपालु भी बता दे॥ 3185॥
23ब्रह्म है विरुद्ध धर्मी गोविंद राधे।
24याते आत्माराम रास कर्ता भी बता दे॥ 3186॥