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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 268

Reading 279 of 516 · Source nos. 3067–3078 · Source PDF 285

1जीव तो हैं अनंत गोविंद राधे।

2एक मरे तो सब मरें ना बता दे॥ 3067॥

3जीव ईश्वराधीन गोविंद राधे।

4जीवों की संख्या असंख्य बता दे॥ 3068॥

5कछु अद्वैती कह गोविंद राधे।

6जीव तो है सर्वव्यापी बता दे॥ 3069॥

7जीव सर्वव्यापक गोविंद राधे।

8तो ईश्वराधीन कैसे बता दे॥ 3070॥

9कछु ज्ञानी ब्रह्म का ही गोविंद राधे।

10प्रवेश अरु तादात्म्य बता दे॥ 3071॥

11“स एवायं” वेदमंत्र गोविंद राधे।

12जीव तनु प्रवेश तादात्म्य बता दे॥ 3072॥

13“यतो वा इमानि” मंत्र गोविंद राधे।

14कह ईश्वरजात जीव है बता दे॥ 3073॥

15ईश्वर है कारण गोविंद राधे।

16जीव है उसका कार्य बता दे॥ 3074॥

17कारण तो कार्य का गोविंद राधे।

18सदा ही नियामक होय बता दे॥ 3075॥

19याते ईश्वर ही गोविंद राधे।

20जीव का नियामक सिद्ध है बता दे॥ 3076॥

21जीव यदि व्यापक गोविंद राधे।

22ईश्वर शासक हो ना बता दे॥ 3077॥

23ईश्वर शासक है गोविंद राधे।

24जीव है ईश्वर शास्य बता दे॥ 3078॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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