Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 263
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1“मंत्र वर्णात्” सूत्र गोविंद राधे।
2जीव को ब्रह्म का अंश बता दे॥ 3007॥
3कनक मुकुट जैसे गोविंद राधे।
4कहे कनक कोई वस्तु ना बता दे॥ 3008॥
5ऐसे ब्रह्म अंश जीव गोविंद राधे।
6कहे ब्रह्म कोई वस्तु ना बता दे॥ 3009॥
7“प्राज्ञेनात्मना” मंत्र गोविंद राधे।
8जीव अरु ब्रह्म को पृथक बता दे॥ 3010॥
9जीव ब्रह्म भिन्न मंत्र गोविंद राधे।
10“प्राज्ञेनात्मनान्वारूढ़ः” बता दे॥ 3011॥
11“यस्यात्मा शरीरं” गोविंद राधे।
12मंत्र जीव ब्रह्म दोनों पृथक बता दे॥ 3012॥
13“सोऽश्नुते सर्वान् कामान्” गोविंद राधे।
14मंत्र जीव अरु ब्रह्म पृथक बता दे॥ 3013॥
15“द्वा सुपर्णा सयुजा” मंत्र गोविंद राधे।
16जीव अरु ब्रह्म दोनों पृथक बता दे॥ 3014॥
17“समाने वृक्षे” मंत्र गोविंद राधे।
18जीव अरु ब्रह्म दो तत्व हैं बता दे॥ 3015॥
19“ज्ञाज्ञौ द्वावजा” मंत्र गोविंद राधे।
20जीव ब्रह्म दोनों को पृथक बता दे॥ 3016॥
21“क्षरं प्रधानं” मंत्र गोविंद राधे।
22जीव अरु ब्रह्म हैं पृथक बता दे॥ 3017॥
23“ऋतं पिबंतौ” मंत्र गोविंद राधे।
24ब्रह्म है प्रेरक याते भोक्ता बता दे॥ 3018॥