Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 261
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1वेद में आत्मा शब्द गोविंद राधे।
2जीव ब्रह्म दोनों अर्थ में है बता दे॥ 2983॥
3वेदों में ब्रह्मवाची गोविंद राधे।
4प्राण अरु आकाश शब्द हैं बता दे॥ 2984॥
5ब्रह्म पर्यायवाची गोविंद राधे।
6तेज आप आदि शब्द भी हैं बता दे॥ 2985॥
7ब्रह्म पर्यायवाची गोविंद राधे।
8जीव कारण अरु प्रकृति बता दे॥ 2986॥
9ब्रह्म पर्यायवाची गोविंद राधे।
10परमाणु शब्द अरु विद्या बता दे॥ 2987॥
11जीव ज्ञाता ज्ञान रूप गोविंद राधे।
12माया ने बनाया अज्ञानी बता दे॥ 2988॥
13उत्क्रांति गत्यागति गोविंद राधे।
14जीव की, वेद वेदान्त बता दे॥ 2989॥
15“स यदा अस्मात्” गोविंद राधे।
16मंत्र जीव की उत्क्रान्ति बता दे॥ 2990॥
17“ये वै के च” वेद मंत्र गोविंद राधे।
18जीव की चन्द्रलोक गति को बता दे॥ 2991॥
19“तस्मात् लोकात्” गोविंद राधे।
20मंत्र जीव की पुनरागति बता दे॥ 2992॥
21वेदान्त का है सूत्र गोविंद राधे।
22“उत्क्रांतिगत्यागतीनां” बता दे॥ 2993॥
23उत्क्रांति गत्यागति गोविंद राधे।
24जीव की विभुता असिद्ध करा दे॥ 2994॥