Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 256
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1ब्रह्मा ने देखा सब गोविंद राधे।
2एक वर्ष पूर्व की ही दशा है बता दे॥ 2923॥
3ब्रह्मा ने सोचा मन गोविंद राधे।
4यह कौन सी है माया बता दे॥ 2924॥
5ब्रज के सब ग्वाल गाय गोविंद राधे।
6आदि मेरी माया ते सोये हैं बता दे॥ 2925॥
7वे तो सब सोये हैं गोविंद राधे।
8पुनि इत कैसे वैसे दीखें बता दे॥ 2926॥
9ब्रह्मा ने दोनों ही गोविंद राधे।
10स्थानों में देखा दोनों को बता दे॥ 2927॥
11ज्ञान दृष्टि ते भी गोविंद राधे।
12ब्रह्मा नहिं जान पाये मर्म क्या बता दे॥ 2928॥
13दोनों में पुराने कौन गोविंद राधे।
14कौन हैं नये जो बनाये बता दे॥ 2929॥
15कौन हैं सच्चे अरु गोविंद राधे।
16कौन हैं नकली बनावटी बता दे॥ 2930॥
17जिसकी माया ते गोविंद राधे।
18हरि हर सब ही मोहे बता दे॥ 2931॥
19उनकोही बूढ़े ब्रह्मा गोविंद राधे।
20चले थे मोहित करने बता दे॥ 2932॥
21किन्तु ब्रह्मा अपनी ही गोविंद राधे।
22माया ते हुये मोहित बता दे॥ 2933॥
23सूर्य के प्रकाश में गोविंद राधे।
24जुगनू प्रकाश ज्यों खोये बता दे॥ 2934॥