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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 252

Reading 263 of 516 · Source nos. 2875–2886 · Source PDF 269

1ग्वाल गाय आदि थे गोविंद राधे।

2संख्या में जितने बने उतने बता दे॥ 2875॥

3ग्वाल गाय आदि का गोविंद राधे।

4जैसा रूप रंग बने वैसा बता दे॥ 2876॥

5उनकी छड़ी सींग गोविंद राधे।

6मुरली आदि बने कृष्ण बता दे॥ 2877॥

7उनके भूषण वस्त्र गोविंद राधे।

8जैसे थे वैसे बने कृष्ण बता दे॥ 2878॥

9उनके स्वभाव गुण गोविंद राधे।

10जैसे थे वैसे बने कृष्ण बता दे॥ 2879॥

11उनके नाम रूप गोविंद राधे।

12जैसे थे वैसे बने कृष्ण बता दे॥ 2880॥

13उनका खाना पीना गोविंद राधे।

14चलना आदि भी था पूर्ववत् बता दे॥ 2881॥

15आपु ग्वाल आपु गाय गोविंद राधे।

16खेले भी आपु आपु संग बता दे॥ 2882॥

17ग्वाल गाय वत्स आदि गोविंद राधे।

18बन कर कृष्ण गये घर को बता दे॥ 2883॥

19ग्वाल गाय आदि का गोविंद राधे।

20पूर्ववत् ही व्यवहार था बता दे॥ 2884॥

21मुरली की धुनि सुनि गोविंद राधे।

22गोप मातायें दौड़ आईं बता दे॥ 2885॥

23ग्वाल बने कृष्ण ही को गोविंद राधे।

24गोद में उठा कर चूमा बता दे॥ 2886॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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