Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 249
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1ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
2गोपी सँग रास रचाते दिखा दे॥ 2839॥
3ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
4रास में अनन्त रूप ब्रह्म के दिखा दे॥ 2840॥
5ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
6पग चापता ब्रह्म राधा के दिखा दे॥ 2841॥
7ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
8“हा राधे” कहि रोता दिखा दे॥ 2842॥
9ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
10रोता ब्रह्म राधा को मनाता दिखा दे॥ 2843॥
11ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
12गोपी आगे “हा हा” खाते ब्रह्म को दिखा दे॥ 2844॥
13ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
14उज्ज्ौन क, ख, ग, घ पढ़ते दिखा दे॥ 2845॥
15ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
16अर्जुन रथ ब्रह्म हाँकता दिखा दे॥ 2846॥
17ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
18रूप विराट दिखाते दिखा दे॥ 2847॥
19ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
20ज्ञानी आदिगुरु तरु बने हैं दिखा दे॥ 2848॥
21ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
22ब्रह्मा की बुधि भरमाते दिखा दे॥ 2849॥
23एक बार श्रीकृष्ण गोविंद राधे।
24गोचारण को गये थे बता दे॥ 2850॥