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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 248

Reading 259 of 516 · Source nos. 2827–2838 · Source PDF 265

1ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

2ग्वाल संग गुल्ली डण्डा खेलते दिखा दे॥ 2827॥

3ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

4कालिया के फण ब्रह्म नाचता दिखा दे॥ 2828॥

5ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

6नंगे पाँव गैया चराते दिखा दे॥ 2829॥

7ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

8ग्वाल मुख छोरि जूठा खाता दिखा दे॥ 2830॥

9ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

10घोड़ा बना ब्रह्म ग्वालों का दिखा दे॥ 2831॥

11ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

12गली गली ब्रह्म छाछ माँगता दिखा दे॥ 2832॥

13ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

14गोबर का टीका ब्रह्म मुख में दिखा दे॥ 2833॥

15ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

16गोपियों के पाछे पाछे डोलता दिखा दे॥ 2834॥

17ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

18गोपी सिर घट को उठाता दिखा दे॥ 2835॥

19ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

20लूटि लूटि दधि खाते ब्रह्म को दिखा दे॥ 2836॥

21ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

22गोपियों की गारी खाते ब्रह्म को दिखा दे॥ 2837॥

23ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।

24गोपिन चीर चुराते दिखा दे॥ 2838॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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