Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 247
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1ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
2गोद हित ब्रह्म भू पै लोटता दिखा दे॥ 2815॥
3ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
4मैया क रताल ब्रह्म नाचता दिखा दे॥ 2816॥
5ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
6मैया के भय ब्रह्म भागता दिखा दे॥ 2817॥
7ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
8चोरी चोरी माटी खाता ब्रह्म को दिखा दे॥ 2818॥
9ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
10घर घर नवनि चुराते दिखा दे॥ 2819॥
11ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
12नवनि चुरा के नंगा भागता दिखा दे॥ 2820॥
13ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
14साँटी लखि ब्रह्म भागता दिखा दे॥ 2821॥
15ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
16मैया के डर ते काँपता दिखा दे॥ 2822॥
17ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
18मैया डर ब्रह्म झूठ बोलता दिखा दे॥ 2823॥
19ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
20ऊखल बँधा मुक्ति माँगता दिखा दे॥ 2824॥
21ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
22ब्रह्म बछरन बतराते दिखा दे॥ 2825॥
23ज्ञानी यदि माने नाहिं गोविंद राधे।
24ग्वारिया का भेष किये ब्रह्म को दिखा दे॥ 2826॥