Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 233
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1ह्लादिनी का सार भक्ति गोविंद राधे।
2उसी भक्ति ते मुक्ति होगी बता दे॥ 2647॥
3असत्वापादक गोविंद राधे।
4आवरण को वेद ज्ञान नसा दे॥ 2648॥
5अभानापादक गोविंद राधे।
6आवरण अपरोक्ष ज्ञान नसा दे॥ 2649॥
7अनानन्दापादक गोविंद राधे।
8आवरण केवल भक्ति नसा दे॥ 2650॥
9“ऋते ज्ञानान्न मुक्तिः” गोविंद राधे।
10यह मंत्र सावरण ब्रह्म में बता दे॥ 2651॥
11कृष्ण तो हैं निर्गुण गोविंद राधे।
12निरावरण ब्रह्म शुद्ध बता दे॥ 2652॥
13संसार सारहीन गोविंद राधे।
14सावरण ब्रह्म स्वरूप बता दे॥ 2653॥
15निरावरण ब्रह्म गोविंद राधे।
16सगुण साकार श्रीकृष्ण हैं बता दे॥ 2654॥
17सावरण ब्रह्म भक्ति गोविंद राधे।
18लख चौरासी द्वार घुमा दे॥ 2655॥
19निरावरण ब्रह्म गोविंद राधे।
20भक्ति तो मुक्ति भक्ति दोनों दिला दे॥ 2656॥
21सावरण ब्रह्म जग गोविंद राधे।
22जड़ माया शक्ति ते है आवृत बता दे॥ 2657॥
23निरावरण ब्रह्म गोविंद राधे।
24श्रीकृष्ण योगमाया आवृत बता दे॥ 2658॥