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Radha Govind Geet Part 1

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

ज्ञान · पृष्ठ 231

Reading 242 of 516 · Source nos. 2623–2634 · Source PDF 248

1आठवीं भूमिका का गोविंद राधे।

2नाम है तुर्यातीत बता दे॥ 2623॥

3आठवीं भूमिका में गोविंद राधे।

4दशा विदेह की होती बता दे॥ 2624॥

5व्रात्य परमहंस गोविंद राधे।

6बाह्य लक्षण एक सा है बता दे॥ 2625॥

7नास्तिक वेदों के गोविंद राधे।

8विधि निषेध नहिं माने बता दे॥ 2626॥

9ऐसे ही परमहंस गोविंद राधे।

10विधि निषेध नहिं माने बता दे॥ 2627॥

11फल में बड़ा है भेद गोविंद राधे।

12व्रात्य पावे नरक यातना बता दे॥ 2628॥

13पावे परमहंस गोविंद राधे।

14मायातीत ब्रह्म मुक्तिधाम बता दे॥ 2629॥

15एक है अँगूठा छाप गोविंद राधे।

16विद्यालय कभु जाय ना बता दे॥ 2630॥

17एक तो विद्यालय गोविंद राधे।

18पास कर चुका याते जाय ना बता दे॥ 2631॥

19ज्ञानी, भूमि, जल, तेज, गोविंद राधे।

20वायु, आकाश, अहं भेदन करा दे॥ 2632॥

21ज्ञानी, महान, प्रकृति गोविंद राधे।

22एकमात्र भक्ति ते ही भेदन करा दे॥ 2633॥

23जीव माया भेद दो हैं गोविंद राधे।

24आवरण विक्षेप आत्मिका बता दे॥ 2634॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 1 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers remain 1–5901; page order is not verse numbering. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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