Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 229
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1मुक्ति अतिरिक्त भक्त गोविंद राधे।
2कृष्णप्रेम कृष्णसेवा पावे बता दे॥ 2599॥
3ज्ञान साधन क्लिष्ट गोविंद राधे।
4साध्य भी भक्ति ते निम्न बता दे॥ 2600॥
5कृपा ते ज्ञानी को गोविंद राधे।
6मिले जो ज्ञान कृपाभास बता दे॥ 2601॥
7वास्तविक कृपा तो गोविंद राधे।
8श्रीकृष्ण दिव्य प्रेम प्राप्ति बता दे॥ 2602॥
9ज्ञानी सी कृपा तो कृष्ण गोविंद राधे।
10असुरों को मारि दें मोक्ष बता दे॥ 2603॥
11ज्ञान का मार्ग क्लिष्ट गोविंद राधे।
12तलवार धार पै चलना बता दे॥ 2604॥
13भक्ति का मार्ग सरल गोविंद राधे।
14नाव पै बैठो हरि पार करा दे॥ 2605॥
15भक्ति में दोनों आँख गोविंद राधे।
16बंद करो दौड़ो ना हो पतन बता दे॥ 2606॥
17ज्ञानी के ज्ञान की गोविंद राधे।
18भूमिका होती हैं आठ बता दे॥ 2607॥
19पहली भूमिका का गोविंद राधे।
20नाम है शुभेच्छा सबको बता दे॥ 2608॥
21भूमिका शुभेच्छा में गोविंद राधे।
22भूख परमार्थ की तीव्र हो बता दे॥ 2609॥
23भूमिका शुभेच्छा में गोविंद राधे।
24श्रवण है सबते प्रमुख बता दे॥ 2610॥