Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 224
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1भक्ति कामधेनु पय गोविंद राधे।
2ज्ञान कूपजल जल माखन ना दे॥ 2539॥
3ज्ञान वैराग्य दोनों गोविंद राधे।
4भक्ति महरानी के पुत्र हैं बता दे॥ 2540॥
5जग में भी माता बिनु गोविंद राधे।
6पुत्र की प्राप्ति असम्भव बता दे॥ 2541॥
7ऐसे ही भक्ति बिनु गोविंद राधे।
8ज्ञान वैराग्य असम्भव बता दे॥ 2542॥
9ज्ञान वैराग्य मोक्ष गोविंद राधे।
10मिलें बिनु माँगे कृष्णभक्ति ते बता दे॥ 2543॥
11कोटि कल्प सिर मारे गोविंद राधे।
12भक्ति बिनु ब्रह्मज्ञान हो ना बता दे॥ 2544॥
13भक्ति बिनु ज्ञान ऐसे गोविंद राधे।
14जलधार गहि आकाश चढ़ा दे॥ 2545॥
15भक्ति बिनु ज्ञान ऐसे गोविंद राधे।
16पँगुले को भी जैसे गिरि पै चढ़ा दे॥ 2546॥
17भक्ति बिनु ज्ञान ऐसे गोविंद राधे।
18तैरि सिन्धु पार जाना चाहे बता दे॥ 2547॥
19भक्ति बिनु ज्ञान ऐसे गोविंद राधे।
20हँसे भी ठठाय अरु गाल भी फुला दे॥ 2548॥
21भक्ति बिनु ज्ञान ऐसे गोविंद राधे।
22लोहे के चने नाक ते चबवा दे॥ 2549॥
23भक्ति बिनु ज्ञान ऐसे गोविंद राधे।
24बाँझ माँ के लड़के ते ब्याह करा दे॥ 2550॥