Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
ज्ञान · पृष्ठ 221
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2ज्ञान मार्ग में भी पूर्व गोविंद राधे।
3ब्रह्म के स्वरूप का श्रवण बता दे॥ 2509॥
4प्रथम शब्द ज्ञान करे गोविंद राधे।
5फिर करे भक्ति भक्ति अनुभव करा दे॥ 2510॥
6पाक शास्त्र रटने ते गोविंद राधे।
7भूख नहिं जाये वाय खाना खिला दे॥ 2511॥
8महावाक्य रटने ते गोविंद राधे।
9माया नहिं जाये वाय भक्ति करा दे॥ 2512॥
10व्यंजन ज्ञान ते ज्यों गोविंद राधे।
11तुष्टि पुष्टि क्षुन्निवृत्ति ना हो बता दे॥ 2513॥
12ऐसे ब्रह्म कृष्ण के भी गोविंद राधे।
13ज्ञानमात्र ते न मिले लक्ष्य बता दे॥ 2514॥